Friday, May 2, 2025

4>|| রামজন্ম ভূমি মন্দিরের বিবরণ ||

   4>|| রামজন্ম ভূমি মন্দিরের বিবরণ ||

         

অযোধ্যা রাম মন্দির প্রাণ প্রতিষ্ঠা::--

হিন্দি पौष शुक्ल, द्वादशी,विक्रम संवत 2080

सोमवार ।

A.D year 2024 -- 22 january.Monday.

বাংলা  ৭ মাঘ ১৪৩০ সোমবার।

शुभ दिन  प्रभु श्रीराम के बाल रूप नूतन विग्रह को, श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भगृह में विराजित करके प्राण- प्रतिष्ठा की जायेगी।


|| ॐ श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर का वीवरण ||
1● मंदिर परम्परागत शैली में निर्मित।
2● मंदिर की लंबाई (पूर्व- पशिचम) 380 फिट
      चौड़ाई 250 फिट एवं ऊँचाई 161 फिट।
3●तीन मंजिला मंदिर, प्रत्येक मंजिल की  
     ऊंचाई 20 फिट, कुल 392 खम्बे, 44
     दरवाजे।
4●भूतल गर्भगृह- प्रभु श्रीराम के बाल रूप
     (श्री रामलला) का विग्रह, प्रथम  तल
      गर्भगृह-श्रीराम दरबार।
5●कुल पाँच मंडप=नृत्यमंडप, रंग मंडप,
   गुढ़ मंडप ( सभा मंडप),प्रर्थना मंडप,
    कीर्तन मंडप।
6●खम्बे, दीवार में देवी-देवता तथा देवांगनाओं
     की मूर्तियाँ।
7●प्रोवेश पूर्व से, 32 सीढ़ीयाँ ( ऊँचाई 16.5
     फिट) चड़कर सिंहद्वार से प्रवेश होगा।
8●दिव्यांगजन तथा बृद्धो के लिए रैम्प  एवं
      लिफ्ट की व्यवस्था।
9●चारों ओर आयताकार परकोटा(প্রাচীর)
     (प्रकार)-लम्बाई 732 मीटर/0.732
     kilomitar/2401.57 feet.
      चौड़ाई 4.25 मीटर /13.93 feet.
      परकोटा के चार कोनों पर चार मंदिर--
     भगवान सूर्य, शंकर, गणपति, देवी भगवरी,
     परकोटे की दक्षिणी भुजा में हनुमान एवं
     उत्तरी भुजा में अन्नपूर्णा माता का मंदिर।

10●मंदिर के समीप पौराणिक काल का
       सिताकुप।
11●श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में
       प्रस्तावित अन्य मंदिर--महर्षि वाल्मीकि,
      महर्षि वसिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि
     अगस्त्य, निषादराज गुह, माता शबरी,
      एवं देवी अहिल्या।
12●दक्षिणी--पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर,
        टीले पर स्थित शिव मंदिर का
        जीणोंद्धार ( সংস্কার) एवं रामभक्त   
        जटायु राज  प्रतिमा की स्थापना।
           ( संग्रहित)
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